प्रेरणा
// ब्रह्मलीन साहित्यकार पिता महेंद्र देवांगन "माटी" की पुण्यतिथि 16 अगस्त 2024 पर // बाल प्रेरक प्रसंग : // प्रेरणा // एक साहित्यकार पिता ने अपनी पुत्री से कहा- "बिटिया सुनो तो।" "हाँ, पापा क्या हुआ?" एक छोटी सी बच्ची दौड़ कर आई। "आज मैंने कुछ पंक्तियाँ लिखी हैं। बैठो ज़रा मेरे पास। मैं तुम्हें सुना रहा हूँ।" पिताजी बोले। "अच्छा! जी पापाजी।" बालिका ने बड़े ध्यान से पंक्तियाँ सुनी- "बहुत सुंदर बाल कविता बनी है। पापा जी, आप इतनी अच्छी पंक्तियाँ कैसे लिख लेते हैं?" मज़ाक़िया अंदाज में पिताजी बोले- "पेन-कॉपी पकड़ो तुम भी; और लिखते चलो।" "ओह पापा जी आप भी न! आप हमेशा ऐसे ही बोलते हैं। कुछ लिखना-विखना तो सिखाते नहीं।" मुँह बनाते हुए बालिका ने कहा। "बिटिया सुनो तो! इधर तो आना।" पिताजी ने बालिका को अपने और करीब बुला...