कर्तव्य
कर्तव्य ******** पास के शहर में एक दम्पति रहते थे , पति डॉक्टर था और उसकी पत्नी शिक्षिका थी ।पत्नी शहर से कुछ दूर गाँव मे पढ़ाने जाती थी । तथा पति शहर में ही डॉक्टर था। दोनो की एक भी संतान नहीं थी।दोनो संतान पाने के लिये बहुत से उपाय पूजा पाठ यज्ञ किये तब जाकर कही उसके घर मे नन्ही परी का जन्म हुआ ।दोनो बहुत खुश थे ।और अपनी बेटी का नाम परी रखा। तथा अपनी लाडली बेटी के साथ जीवन यापन कर रहे थे ।धीरे समय बीतता गया ।बेटी अब 20 साल की हो गयी उसकी आज बीसवी जन्मदिन है । डॉक्टर साहब अपने लाडली बेटी के लिये स्कूटी ले कर आये।बिटियां बहुत ही चंचल स्वभाव की थी। वह अपने पिता जी से बोली में स्कूटी में थोड़ा घूम कर आती हूँ , पिता जी ने मना किया बोले बेटा आज ही लाया हूं अपने जन्मदिन मनाले फिर कल चले जाना ।बिटियां नही मानी फिर मम्मी ने भी कहा - जाने दो न जल्दी आ जायेगी। परी स्कूटी ले कर चली गयी।अचानक डॉक्टर को कॉल आया कि बहुत जरूरी ऑपरेशन करना है , डॉक्टर साहब जल्दी से ही गाड़ी निकाले तथा अपना *कर्तव्य* पूरा करने हॉस्पिटल चले गए।वहाँ एक माँ अपने बेटे के एक्सीडेंट होने पर चीख चीख के रो रही थी तथा डॉक्टर को भ...